● हलचल ●
क्या जाने क्या हिस्से आया, क्या ना आया,
खड़े हैं अब तक निस्तब्ध-मूक-अविचल,
कौन जाने होगी कब जाकर फिर ह्रदय-हलचल.....
● Jogendra Singh जोगेन्द्र सिंह :(
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Jogendra Singh ~ जोगेंद्र सिंह..
तडप...
सपने उनके, आँख हमारी,
नींद उनकी, जाग हमारी,
पीर उनकी, नम आँख हमारी,
अमानत किसी की, तडप हमारी..... जोगी..... :-(
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० बेवफा ०
जिन्दगी है जी, बेवफा है...
तू बेवफा, तो कभी मैं बेवफा...
० जगेन्द्र सिंह ०
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