अश्कों की जुबान
अश्कों की जुबान कहाँ होती है दोस्त,
ख्वाब टूटें तो टूटें चाहे,
बेजुबान उन्हें बह जाना होता है.........
● जोगेंद्र सिंह Jogendra Singh
अश्कों की जुबान कहाँ होती है दोस्त,
ख्वाब टूटें तो टूटें चाहे,
बेजुबान उन्हें बह जाना होता है.........
● जोगेंद्र सिंह Jogendra Singh
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