आजाद कहाँ हैं हम...?

आजाद कहाँ हैं हम...?

गुलामी जो घर से शुरू होती है वो दरवाजा पार करने पर भी नहीं रूकती..... घर वाली गुलामी तो सांकेतिक है जो जताती है कि बेटा अब सारे संसार में तुझे जी हुजूर ही कहते जाना है..... चाहे दफ्तर हो , पुलिस , राजनीती , और जाने कैसा कैसा गुलामी का दलदल भरा है सब जगह..... और हम कहते हैं कि देश आजाद हो गया.....

● __________ जोगी     :(
आजाद कहाँ हैं हम...?SocialTwist Tell-a-Friend

Comments

3 Responses to “आजाद कहाँ हैं हम...?”

DR. ANWER JAMAL said...
13 August 2011 at 6:50 AM

Nice post .

रक्षाबंधन के पुनीत पर्व पर बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं...

देखिये
हुमायूं और रानी कर्मावती का क़िस्सा और राखी का मर्म

Sunil Kumar said...
13 August 2011 at 7:02 AM

सही कहा आपने ,रक्षाबंधन की बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें

S.N SHUKLA said...
15 August 2011 at 1:08 PM

बहुत सार्थक प्रस्तुति
स्वाधीनता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
मेरे ब्लॉग पर भी पधारने का कष्ट करें .

Post a Comment

Note : अपनी प्रतिक्रिया देते समय कृपया संयमित भाषा का इस्तेमाल करे।

▬● (my business sites..)
[Su-j Health (Acupressure Health)]http://web-acu.com/
[Su-j Health (Acupressure Health)]http://acu5.weebly.com/
.

Related Posts with Thumbnails