चाँद की चाहत





चाँद की चाहत करोगे कब तक, न मिले तो बसर करोगे कब तक..
है वक्ती यह कैफियत ज़हन की, होश आने पर खुद पे हँसोगे कब तक..

जोगेंद्र सिंह Jogendra Singh ( 08 अगस्त 2010 )


Photography by : Jogendra Singh ( Mumbai)


.
चाँद की चाहतSocialTwist Tell-a-Friend

Comments

3 Responses to “चाँद की चाहत”

8 August 2010 at 12:00 AM

संगीता जी, परमजीत जी आप दोनों का धन्यवाद..

Post a Comment

Note : अपनी प्रतिक्रिया देते समय कृपया संयमित भाषा का इस्तेमाल करे।

▬● (my business sites..)
[Su-j Health (Acupressure Health)]http://web-acu.com/
[Su-j Health (Acupressure Health)]http://acu5.weebly.com/
.

Related Posts with Thumbnails